राष्ट्रपति भवन में तालिबान का झंडा, नाम बदलने का फैसला... काबुल पर विजय के बाद तालिबान के प्रमुख फैसले


- तालिबान अब अफगानिस्तान का नाम 'इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान' रखेगा

नई दिल्ली तिथि। सोमवार, 16 अगस्त, 2021

काबुल में प्रवेश के साथ ही तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है। बाद में रविवार को तालिबान आतंकवादियों ने अफगानिस्तान में राष्ट्रपति भवन पर धावा बोल दिया। इतना ही नहीं उन्होंने वहां तालिबान का झंडा भी फहराया। तालिबान ने रविवार को काबुल में घुसपैठ की और तत्कालीन राष्ट्रपति अशरफ गनी अफगानिस्तान से चले गए।

अशरफ गनी को उखाड़ फेंकने और सत्ता परिवर्तन के बाद, मौलाना अब्दुल गनी बरादर को अब तालिबान द्वारा राष्ट्रपति बनाया जा सकता है। अशरफ गनी देश छोड़कर जा चुके हैं। इसके अलावा उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह भी अफगानिस्तान छोड़ चुके हैं। तालिबान अब अफगानिस्तान का नाम 'इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान' रखेगा।

शरिया कानून लागू होगा

तालिबान ने घोषणा की है कि शरिया कानून अब अफगानिस्तान में लागू होगा। लोगों को किसी भी क्षेत्र को छोड़ने की कोशिश नहीं करने की चेतावनी दी गई है। तालिबान ने सरकारी अधिकारियों को 20 साल पहले की तरह वापस जाने की चेतावनी दी है। तालिबान ने कहा, "एक नई शुरुआत करें और भ्रष्टाचार, घोटालों, आलस्य से सावधान रहें।"

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