
काबुल, ता. 20
तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान में चरम स्तर पर अशांति फैल गई है। तालिबान की बातों और कामों में बहुत बड़ा अंतर है। एक तरफ तालिबान का कहना है कि किसी को खतरा नहीं है। दूसरी ओर, उसने कंधार और हेरात में भारतीय दूतावासों में तोड़फोड़ की और राजदूतों की कारों को छीन लिया।
तालिबान ने बुधवार को कंधार और हेरात में भारतीय दूतावासों पर धावा बोल दिया और वहां दस्तावेजों की तलाशी ली। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने दोनों दूतावासों में भारी तोड़फोड़ भी की। वे दूतावास के बाहर खड़ी भारतीय राजदूत की कार भी ले गए। हालांकि, जलालाबाद और काबुल में भारतीय मिशनों की स्थिति के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।
हालात ऐसे समय में आए हैं जब तालिबान ने कुछ दिन पहले कहा था कि वह नहीं चाहता कि भारत काबुल दूतावास खाली करे। सूत्रों के मुताबिक, काबुल पर कब्जा करने के तुरंत बाद तालिबान ने भारत को संदेश भेजा कि दूतावासों को बंद न करें और उनसे दोस्ती करें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे दूतावासों को निशाना नहीं बनाएंगे और विदेशी राजदूतों के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करेंगे।
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