
नई दिल्ली, 19 अगस्त, 2021
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के चार दिनों के भीतर ही अफगान महिलाओं की जिंदगी उलटी हो गई है।
तालिबान के डर से अब अफगान महिलाओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को डिलीट करना शुरू कर दिया है।
महिला पत्रकार जहां कंप्यूटर से अपनी फाइलें हटा रही हैं, वहीं महिला ब्यूटीशियन ने सैलून के बाहर से पोस्टर हटाना शुरू कर दिया है।महिला डॉक्टर अब पुरुष मरीजों की जांच करने से कतरा रही हैं।
एक पुरस्कार विजेता महिला पत्रकार ने कहा, "मैं अपने घर से बाहर जाने की हिम्मत नहीं करती। मुझे जो पुरस्कार मिले हैं, मैंने उन्हें छिपा रखा है।"
काबुल में एक शिक्षक ने कहा, "मुझे नहीं पता कि मेरी नौकरी जारी रहेगी या नहीं क्योंकि तालिबान ने प्राथमिक स्कूलों को छोड़कर लड़कियों के पढ़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मैं चाहता था कि मेरी बड़ी बेटियां देश छोड़ दें, लेकिन उनके पास पासपोर्ट नहीं है।"
दूसरी ओर, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा सहित दुनिया भर के 21 देशों ने तालिबान सरकार से महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी देने को कहा है।
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