
नई दिल्ली, दिनांक 17 अगस्त 2021, मंगलवार
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का रहना मुश्किल हो गया है. कट्टरपंथी किसी तरह अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं।
ऐसे कट्टरपंथियों द्वारा केवल अल्पसंख्यक ही नहीं बल्कि उनकी संस्कृति को भी निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में लाहौर के एक किले में बनी महाराजा रणजीत सिंह की एक मूर्ति पर शुक्रवार को फिर हमला किया गया। हमलावर ने दोपहर बाद प्रदर्शनकारियों की एक सभा के सामने हमला किया।
प्रतिमा पर यह तीसरा हमला है। हालांकि हमलावरों की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आया है, उसमें संदिग्ध हमलावरों को अपने हाथों से मूर्ति के पैर और अन्य हिस्सों को तोड़ते हुए दिखाया गया है।
हमलावरों ने रणजीत सिंह के खिलाफ नारे भी लगाए। प्रतिमा कांसे से बनी है और नौ फीट की है। सिख पोशाक में महाराजा रणजीत सिंह की घोड़े पर सवार प्रतिमा पर भी पिछले साल दिसंबर में हमला किया गया था। भीड़ ने पहले प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी।
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