
नई दिल्ली, दिनांक 11 अगस्त 2021, बुधवार
अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते दबदबे के मद्देनजर हालात खतरनाक होते जा रहे हैं। अमेरिका ने अफगानिस्तान की मदद करने की बजाय आंखें मूंद ली हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने पर अड़े हुए हैं और अपना फैसला बदलने के मूड में नहीं हैं। व्हाइट हाउस का कहना है कि राष्ट्रपति बिडेन ने 11 सितंबर तक अफगानिस्तान से सभी शेष सैनिकों को वापस बुलाने का आदेश दिया है। हालाँकि, अब तक 90 प्रतिशत सैनिक संयुक्त राज्य अमेरिका लौट चुके हैं।
बिडेन ने कहा, "हमने 20 वर्षों में अफगानिस्तान पर एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए हैं।" तीन लाख से अधिक अफगान सैनिकों को प्रशिक्षित किया गया है और हमने अपने सैनिकों को खो दिया है। अब अफगानिस्तान को अपने देश के लिए लड़ना होगा और इसके लिए अफगान नेताओं को आगे आना होगा।
इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा था कि अमेरिका उन लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए अफगानिस्तान आया है जिन्होंने अमेरिका पर हमला किया था। हमारा लक्ष्य अफगानिस्तान में इन हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों का सफाया करना था।
विशेष रूप से, तालिबान अफगानिस्तान में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। वे अब तक पांच प्रांतों की राजधानियों पर कब्जा कर चुके हैं। इसे लेकर लोगों में दहशत का माहौल है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें