लंदन, ता. 3 
9/11 के हमलों के 40 साल बाद अफगानिस्तान में सेना भेजने वाले पूर्व ब्रिटिश प्रधान मंत्री टोनी ब्लेयर ने अफगानिस्तान से सैनिकों को वापस लेने के अमेरिकी फैसले की तीखी आलोचना की है। श्री ब्लेयर ने जोर देकर कहा कि निर्णय सही दिशा में एक कदम था।
अपनी वेबसाइट पर एक विस्तृत लेख में, पूर्व प्रधान मंत्री ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपने सैनिकों को वापस लेने के अचानक फैसले ने लोगों के जीवन स्तर और पिछले 40 वर्षों में लड़कियों की शिक्षा में हुई प्रगति को "हैरान" किया है।
2007 से 2008 तक ब्रिटेन के प्रधान मंत्री के रूप में कार्य करने वाले श्री ब्लेयर ने कहा कि सैनिकों को वापस लेने का अमेरिका का निर्णय किसी के हित में नहीं था। उन्होंने सैनिकों को वापस लेने के बिडेन के फैसले को "अस्पष्ट" कहा।
अपने लेख में, पूर्व प्रधान मंत्री ने कहा कि सैनिकों को वापस लेने का अमेरिका का निर्णय दुखद, खतरनाक और अनावश्यक था।
वर्तमान ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि अफगानिस्तान में समाधान खोजने के लिए ब्रिटेन के राजनयिक प्रयास जारी थे और जरूरत पड़ने पर तालिबान के साथ काम करने का विकल्प खुला था।
ब्लेयर ने बिडेन पर युद्धों को हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए एक मूर्खतापूर्ण राजनीतिक नारे का उपयोग करने का भी आरोप लगाया।
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