काबुल, 17 अगस्त 2021 मंगलवार
पिछले कुछ दिनों में कई इस्लामिक स्टेट (IS), जैश-ए-मोहम्मद (JEM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लड़ाके अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में घुसे हैं। तालिबान नेताओं को इन विदेशी आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी है जो तालिबान के झंडे के साथ घुसे हैं। काबुल के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय ये समूह अब तालिबान के नियंत्रण में हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ समझौते के तहत, तालिबान आतंकवादी समूहों को अफगानिस्तान में काम करने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अगले कुछ दिनों में काबुल से समूहों को खदेड़ने की संभावना है।
दोहा स्थित तालिबान राजनीतिक कार्यालय में सूत्रों से जुड़े एक अफगान मानवाधिकार कार्यकर्ता ने कहा कि अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं। क्योंकि यह संभव है कि उपरोक्त समूहों ने तालिबान नेतृत्व के आदेशों का उल्लंघन कर हिंसा का सहारा लिया हो।
तालिबान नेता विदेशी लड़ाकों को काबुल में पैर जमाने से रोकने के लिए सक्रिय रहने की कोशिश कर रहे हैं। तालिबान के संस्थापक दिवंगत मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला याकूब सोमवार को यहां इस अभियान की दिशा में हो रही प्रगति को देखने पहुंचे.
याकूब क्वेटा का रहने वाला है, जहां तालिबान दशकों से सक्रिय है। याकूब तालिबान बलों का 'ऑपरेशन प्रमुख' है। यदि तालिबान अन्य आतंकवादी समूहों को सैन्य बल से खदेड़ने का प्रयास करता है, तो दोनों के बीच संघर्ष की चिंता है।
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