अफगानिस्तान: कंधार-गजनी-हेरात भी अब तालिबान के कब्जे में, अफगान सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर जान बचाई


- तालिबान एक बार फिर अपनी 20 साल पुरानी स्थिति में लौट आया है, जब उसने देश के केवल सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर अपना दबदबा बनाया था।

नई दिल्ली तिथि। शुक्रवार, 13 अगस्त 2021

अफगानिस्तान में तालिबान का दबदबा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। तालिबान ने पिछले एक सप्ताह में तेजी से कई अफगान शहरों पर कब्जा कर लिया है और अब वह राजधानी काबुल के बहुत करीब है। तालिबान लड़ाकों ने अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों कंधार, गजनी और हेरात पर भी कब्जा कर लिया है, जिस पर दुनिया ने ध्यान दिया है।

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से तालिबान का कब्जा बढ़ रहा है। अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में से 12 से अधिक अब पूरी तरह तालिबान के नियंत्रण में हैं। कंधार अफगानिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और तालिबान के लिए इस पर कब्जा करना बहुत खतरनाक है।

तालिबान ने कथित तौर पर गुरुवार देर रात कंधार पर हमला किया। सरकारी कर्मचारी व अन्य देर रात शहर से फरार हो गए।

कंधार के बाद अफगानिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा शहर हेरात भी तालिबान आतंकवादियों के हवाले हो गया है। तालिबान लड़ाकों ने हेरात में ऐतिहासिक मस्जिद पर कब्जा कर लिया है, जो सिकंदर महान से जुड़ी है। हालाँकि, सभी सरकारी इमारतें अब तालिबान के नियंत्रण में हैं।

जहां तक ​​यार्ड क्षेत्र की बात है तो यह भी अब तालिबान के नियंत्रण में है। तालिबान के गजनी पर कब्जे का मतलब है कि वे अब काबुल के सीधे संपर्क में हैं। यहीं पर हाईवे सीधे राजधानी से जुड़ता है। वहीं तालिबान एक बार फिर अपने 20 साल पुराने मुकाम पर लौट आया है, जब उसने देश के सिर्फ सबसे अहम इलाकों में अपना दबदबा बनाया था।

एजेंसी ने बताया कि हेरात और गजनी के कुछ इलाकों में अफगान सैनिकों और कुछ सरकारी कर्मचारियों ने तालिबान लड़ाकों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और फिर भाग गए। तालिबान की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया है जिसमें जवानों ने उसके सामने सरेंडर कर दिया और फिर उसकी इजाजत लेकर सुरक्षित निकल गए।


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