११६ देशों में १४०,००० मरीजों का अध्ययन कर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया गया


अध्ययन में भारत के 56 सहित कुल 1667 अस्पताल शामिल थे

15,025 वैज्ञानिकों ने बर्मिंघम विश्वविद्यालय में भारतीय मूल के सर्जन अनिल भंगू के शोध में योगदान दिया

लंदन: भारत सहित दुनिया भर के अस्पतालों में ब्रिटेन के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक विश्वव्यापी अध्ययन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स करार दिया गया है। दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक सहयोग में १४०,००० मरीज और ११६ देशों के १५,०२५ वैज्ञानिक शामिल थे।

एक अकादमिक पेपर में शामिल अधिकांश लेखकों का रिकॉर्ड अब बर्मिंघम और एडिनबर्ग विश्वविद्यालयों के पास है, जिसमें 15,025 वैज्ञानिकों ने अध्ययन में योगदान दिया है।

अध्ययन के सह-प्रमुख लेखक, भारतीय मूल के सर्जन अनिल भंगू ने कहा कि अध्ययन का उद्देश्य घातक कोरोना वायरस के बारे में हमारी समझ में सुधार करना था। इस अध्ययन ने यह समझने का प्रयास किया कि कोरोनरी काल में सर्जरी कैसे की जा सकती है और रोगी पर इसके प्रभाव को कैसे कम किया जा सकता है।

इस अध्ययन के कारण सर्जरी चाहने वाले रोगियों के पूर्व-टीकाकरण द्वारा एक वर्ष में 58,687 कॉर्नियल मौतों को रोका गया। यह अध्ययन भारत के 56 अस्पतालों और दुनिया भर के कुल 1667 अस्पतालों में किया गया। अध्ययन को यूके सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान द्वारा वित्त पोषित किया गया था। यह अध्ययन ब्रिटिश जर्नल ऑफ सर्जरी में प्रकाशित हुआ है।

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