अमेरिकी करदाताओं के पैसे से पाकिस्तान तालिबान की मदद करता है

नई दिल्ली, दिनांक 14 सितंबर 2021, मंगलवार

अफगानिस्तान में सत्ता पर काबिज तालिबान और पाकिस्तान के बीच दोस्ती को लेकर अमेरिका ने अहम बयान दिया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंक ने विदेश मामलों की समिति को जवाब देते हुए कहा कि अफगानिस्तान में भारत की मौजूदगी से पाकिस्तान को नुकसान पहुंचा है और खतरनाक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

दूसरी ओर, समिति के सदस्य रिपब्लिकन कांग्रेसी मार्क ग्रीन ने कहा कि जिस तरह से पाकिस्तान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क का खुलकर समर्थन कर रहा है, उसे देखते हुए भारत को भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने पर विचार करना चाहिए।

विदेश मामलों की समिति के एक अन्य सदस्य बिल कीटिंग ने कहा कि पाकिस्तान 2010 से तालिबान को फिर से संगठित करने में मदद कर रहा है। अमेरिकी सैनिकों की मौत के पीछे हक्कानी नेटवर्क और पाकिस्तान के आईएसआई के बीच गठबंधन है।

एक अन्य सदस्य स्कॉट पेरी ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिकी करदाताओं के पैसे से तालिबान का समर्थन कर रहा है और अमेरिका को इसे और अधिक पैसा नहीं देना चाहिए और सहयोगी के रूप में अपना दर्जा वापस लेना चाहिए।

ब्लिंक ने सांसदों के एक सवाल के जवाब में कहा, "पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंध इस बात पर निर्भर करेंगे कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान क्या भूमिका निभाता है।" इस समय पाकिस्तान एक तरफ तालिबान की मदद कर रहा है और दूसरी तरफ आतंकी गतिविधियों के खिलाफ लड़ाई में हमारा साथ दे रहा है।

ब्लिंक ने कहा, "यहां तक ​​कि अगर अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में अधिक समय तक रहती, तो भी वहां कुछ भी नहीं बदला होता।"

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