
नई दिल्ली, 10 सितंबर, 2021
हालांकि तालिबान ने अफगानिस्तान में सरकार बना ली है, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान एक बड़े संकट की ओर बढ़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि गरीबी और भूख जल्द ही देश में फैल सकती है और सामाजिक व्यवस्था के पतन का कारण बन सकती है।अगर अफगानिस्तान को जल्द ही वित्तीय सहायता नहीं मिली, तो लाखों लोग भुखमरी में डूब जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत डेबरा लियोन का कहना है कि अफगानिस्तान को बर्बाद होने से बचाने के लिए दुनिया के देशों को एक साथ आना चाहिए।
उनका कहना है कि तालिबान शासन ने अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए संकट पैदा कर दिया है, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका सहित देशों ने अरबों डॉलर की संपत्ति जब्त कर ली है। अगर यह स्थिति बनी रही, तो देश सदियों के लिए पीछे धकेल दिया जाएगा।
ल्योंस के मुताबिक, अमेरिका ने अफगानिस्तान में नौ अरब डॉलर जमा किए हैं और यह राशि अफगानिस्तान को दी जानी चाहिए लेकिन साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि तालिबान सरकार इसका इस्तेमाल नहीं करती है।
हालांकि, अमेरिकी सरकार फिलहाल तालिबान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के मूड में नहीं है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें