इजरायल और भारत के खास दोस्त पाक पीएम इमरान खान ने फिर निकाली फायरिंग

नई दिल्ली, दिनांक 12 अक्टूबर 2021, मंगलवार

पाक पीएम इमरान खान ने खाड़ी देश में एक प्रकाशन के साथ एक साक्षात्कार में भारत-इजरायल दोस्ती पर अपनी निराशा व्यक्त की है।

इमरान खान के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "भारत और इजरायल बहुत करीब हैं और 2019 में पीएम मोदी के इजरायल दौरे के बाद, भारत ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला किया।"

इमरान खान ने कहा, "इजरायल ने एक मजबूत व्यवस्था बनाई है और वे किसी भी तरह के विरोध को कुचल रहे हैं।" अपने ही लोगों को भेजना जानबूझ कर किसी की जान लेना है। उसे पूरी तरह से इम्युनिटी मिल गई है। इजरायल को बचाने के लिए अमेरिका अपने वीटो पावर का इस्तेमाल करता है।

उन्होंने कहा, 'चीन के खिलाफ अमेरिकी गठबंधन में शामिल होने के बाद भारत को भी लगने लगा है कि हमारे पास इजरायल की तरह ही सुरक्षा कवच है। भारत भी सोचता है कि हम कुछ भी कर सकते हैं और इसीलिए इस समय कश्मीर में मानवाधिकारों की ऊंची उड़ान भर रहे हैं। इतनी खराब स्थिति कहीं नहीं है। कश्मीर इजरायल से भी बदतर है।

इमरान खान ने कहा, "खाड़ी देशों की ओर से हम पर इस्राइल को मान्यता देने का कोई दबाव नहीं है।" पाकिस्तान एक लोकतांत्रिक देश है और वह लोगों को शामिल किए बिना कोई फैसला नहीं कर सकता।

इमरान खान ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि अमेरिका को अब पाकिस्तान में बेस की जरूरत है। क्योंकि हम दोबारा किसी विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहते। आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में शामिल होने के लिए पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। अफसोस की बात है कि पाकिस्तान को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

इमरान खान ने कहा, "मैंने 2008 में अमेरिकी अधिकारियों से कहा था कि अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना किसी भी समस्या का समाधान नहीं करेगी।"

उन्होंने दोहराया कि दुनिया को तालिबान को पहचानने की जरूरत है। क्योंकि अफगानिस्तान को एक स्थिर सरकार की जरूरत है। यदि अंतर्राष्ट्रीय ताकतें तालिबान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाती हैं, तो तालिबान के भीतर कुछ तत्व अफगानिस्तान में वही स्थिति पैदा करेंगे जो उन्होंने 20 साल पहले की थी।

टिप्पणियाँ

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *