
नई दिल्ली, दिनांक 5 अक्टूबर 2021, मंगलवार
अफगानिस्तान में सत्ता संभालने के बाद से तालिबान और पड़ोसी ताजिकिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है।
तालिबान आतंकवादियों ने पिछले दो हफ्तों में ताजिक आतंकवादियों को हथियार और सैन्य वाहन उपलब्ध कराए हैं। इतना ही नहीं ताजिक सीमा पर आत्मघाती हमलावरों को तैनात किया गया है। तालिबान द्वारा उत्पन्न खतरे को देखते हुए, ताजिकिस्तान ने भी पूर्व तैयारी कर ली है और बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात किया है।
अफगानिस्तान पर नजर रखने वाली एक वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान ने चीन के इशारे पर चीन की सीमा से लगे अफगान इलाकों से उइगर मुस्लिम विद्रोहियों को खदेड़ दिया है। इस तरह तालिबान चीन की मदद कर रहा है तो दूसरी तरफ ताजिकिस्तान के आतंकियों को भड़का रहा है। तालिबान ताजिकिस्तान के लिए सुरक्षा संकट पैदा कर रहा है।
दूसरी ओर, हजारों शरणार्थियों के सीमा पार करने का खतरा भी ताजिकिस्तान का सामना करना पड़ रहा है। ताजिक अधिकारी तालिबान सरकार में ताजिक मूल के लोगों को शामिल करने के लिए तालिबान पर दबाव बना रहे हैं। हालांकि तालिबान ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है।
इसके विपरीत, तालिबान अब ताजिकिस्तान से लगी सीमा पर हजारों सैनिकों को तैनात कर रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच युद्ध का खतरा बढ़ गया है।
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