ब्रिटेन ने सेना के ड्राइवर को आपूर्ति के लिए बुलाया


- वर्तमान में देश को मांग और आपूर्ति चक्र को संतुलित करने के लिए अतिरिक्त एक लाख ड्राइवरों की आवश्यकता है

नई दिल्ली तिथि। शनिवार, 02 अक्टूबर, 2021

क्या आपने कभी विकसित देशों में ड्राइवरों की कमी के बारे में सुना है जहां ईंधन की आपूर्ति कम हो गई है? लगभग 2/3 पेट्रोल पंप सूख जाते हैं? सुनने में भले ही अजीब लगे, ब्रिटेन में अभी यही हो रहा है। ब्रिटेन भारी वाहन चालकों की कमी का सामना कर रहा है। ट्रकों जैसे वाहनों के लिए ड्राइवर न होने से सारा बोझ छोटे आपूर्ति वाहनों पर पड़ा है और ईंधन आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

ब्रिटेन में लगभग 2/3 पेट्रोल पंपों में ईंधन नहीं है। टेवा में वाहनों में ईंधन भरने के लिए पेट्रोल पंपों पर भीड़ जमा हो रही है। पेट्रोल पंप के बाहर वाहनों की लंबी लाइन लग गई है। आपूर्ति व्यवस्था ठप होने से कई दुकानों में खाद्य सामग्री की किल्लत हो गई है। कई डिपार्टमेंट स्टोर खाली हैं और लोग खाली हाथ लौट रहे हैं। इसके अलावा जहां माल है वहां डर के मारे मारे गए लोग बहुत ज्यादा खरीद रहे हैं। हालात इस कदर खराब हो गए हैं कि ब्रिटिश सरकार पेट्रोल संकट से निपटने के लिए अब सेना की मदद ले रही है। सैनिकों को तैयार रहने और जरूरत पड़ने पर काम करने को कहा गया है।

इस स्थिति का कारण

ब्रिटेन जैसे विकसित और साधन संपन्न देश में ऐसी स्थिति का कारण जानना जरूरी है। ब्रिटेन के ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, देश में भारी वाहन चलाने वाले ड्राइवरों की संख्या में पिछले एक साल में 70,000 की गिरावट आई है। चालकों की यह कमी विस्फोटक स्तर पर पहुंच गई है। देश को वर्तमान में मांग और आपूर्ति चक्र को संतुलित करने के लिए अतिरिक्त एक लाख ड्राइवरों की आवश्यकता है। लंबे लॉकडाउन और ट्रैवल बैन की वजह से कई विदेशी ड्राइवर देश छोड़कर जा चुके हैं।

स्थिति यह है कि ब्रिटिश सरकार भारी वाहन चलाने के लिए 5,000 विदेशी ड्राइवरों को अस्थायी वीजा जारी कर ब्रिटेन को 3 महीने के लिए बुला रही है। जो लोग नौकरी छोड़ चुके हैं उनमें से कुछ को वापस करने के लिए भारी वाहन लाइसेंसधारियों को लगभग 10 लाख पत्र भेजे गए हैं।

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