
बीजिंग, ता. शुक्रवार 15 अक्टूबर 2021
चीन ने डब्ल्यूएचओ को धमकी दी है, जो कोरोना वायरस की उत्पत्ति की दूसरी जांच की तैयारी कर रहा है। चीन ने कहा है कि डब्ल्यूएचओ की जांच संभावित राजनीतिक युद्धाभ्यास से प्रेरित है।
चीन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और कुछ अन्य देश डब्ल्यूएचओ की जांच का राजनीतिकरण कर रहे हैं। इस दिन, डब्ल्यूएचओ कोरोना वायरस की उत्पत्ति की दूसरी जांच शुरू करने की तैयारी कर रहा है। दुनिया भर में 4.8 मिलियन लोगों की जान लेने वाले कोरोना वायरस की उत्पत्ति पर अभी तक कोई वैज्ञानिक राय स्थापित नहीं हुई है।
डब्ल्यूएचओ ने 25 विशेषज्ञों की एक प्रस्तावित सूची जारी की है जो वायरस की उत्पत्ति की खोज में अगले कदमों पर सलाह देंगे। पहले के प्रयासों को चीन पर नरम के रूप में देखा जाता था। चीन में पहली बार दिसंबर 2019 में मानव कोरोनावायरस के संक्रमित होने की सूचना मिली थी। डब्ल्यूएचओ की एक टीम ने बीजिंग पर फरवरी की यात्रा के दौरान आंकड़े साझा नहीं करने का आरोप लगाया। जिसके बाद चीन ने आगे की जांच का विरोध किया।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि चीन वैश्विक स्तर पर एक वैज्ञानिक जांच में सहयोग करेगा और इसमें भाग लेगा और किसी भी राजनीतिक हेरफेर का कड़ा विरोध करेगा। झाओ ने यह भी कहा कि हमें उम्मीद है कि डब्ल्यूएचओ सचिवालय सहित सभी संबंधित पक्ष और सलाहकार समूह निष्पक्ष और जवाबदेह वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा प्रस्तावित विशेषज्ञों में कुछ ऐसे भी शामिल हैं जो पिछली टीम में भी थे। कोविड-19 की उत्पत्ति की जांच के लिए टीम चीन के वुहान गई थी। चीन के वुहान पहुंचने पर WHO के वैज्ञानिकों को 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन कर दिया गया था। डब्ल्यूएचओ की पुरानी टीम में संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, ब्रिटेन, रूस, नीदरलैंड, कतर और वियतनाम के वायरस और अन्य विशेषज्ञ शामिल थे।
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