
नई दिल्ली तिथि। रविवार 14 नवंबर 2021
भारत की सीमा जल्द ही अभेद्य हो जाएगी। हालांकि भारत को रूस से एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम मिलना शुरू हो गया है। S-400 की पहली यूनिट भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात की जाएगी।
S-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली को समुद्र और हवाई मार्ग से भारत भेजा जा रहा है। इस ग्राउंड टू एयर स्ट्राइक सिस्टम के आने से भारत की मारक क्षमता और मजबूत होगी। भारत ने अक्टूबर 2019 में रूस से 5.43 बिलियन में पांच S-400 रेजिमेंट खरीदने पर सहमति जताई थी।
दुनिया की सबसे उन्नत मिसाइल प्रणाली
S-400 सुपरसोनिक वायु रक्षा प्रणाली में सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें शामिल हैं जो लक्ष्य को भेदने में सक्षम हैं। S-400 की गिनती दुनिया के सबसे उन्नत एंटी-एयरक्राफ्ट हथियारों में होती है। यह सुपरसोनिक वायु रक्षा प्रणाली 400 किलोमीटर के दायरे में दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, ड्रोन या छिपे हुए विमानों पर हमला कर सकती है। इसकी मदद से मानवरहित लड़ाकू विमान भी उड़ाए जा सकते हैं।
S-400 लांचर तीन सेकंड में दुश्मन के विमान या मिसाइल पर दो मिसाइल दाग सकता है। यह मिसाइल 5 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से दागी जाती है और 35 किलोमीटर की ऊंचाई पर हमला कर सकती है। यह भारत की उत्तरी, उत्तरपूर्वी और उत्तर-पश्चिमी सीमाओं पर अधिक सुरक्षा प्रदान करेगा।
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