चीन के इस गांव के लोग पिछले 1300 साल से समुद्र में रह रहे हैं, उन्होंने कभी जमीन पर पैर नहीं रखा।


बीजिंग, गुरुवार, 2 जून, 2022

गुजराती में एक कहावत है कि पैसा हो तो पानी में घर भी बनाया जा सकता है, लेकिन चीन का 9000 की आबादी वाला पूरा गांव समुद्र में बसा हुआ है। प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बिना जमीन के पूरा गांव लकड़ी की होलियों और राफ्टों की मदद से ही समुद्र में तैरता है।ग्रामीणों ने छोटे और बड़े घर भी बनाए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि बच्चे भी पानी में पढ़ते हैं। जीवन की जरूरत का सामान खरीदने का भी बाजार है।

चीन में टंका नामक मछली पकड़ने वाली प्रजाति पाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि भूमि पर राजाओं के प्रकोप से बचने के लिए 1500 साल पहले इन तालाबों ने पानी में रहने का विकल्प चुना था। आज इस गांव की आबादी 4 हजार है। यह गांव फ़ुज़ियान प्रांत के दक्षिण-पूर्व में निंगडे शहर के पास स्थित है।


इस जगह को चीन में जिप्सी ऑफ द सी के नाम से भी जाना जाता है। हैरानी की बात यह है कि इस गांव के लोग आज भी जमीन पर कम ही आते हैं। टंका जाति के लोगों ने उन्हें बचाए रखने के लिए लकड़ी से बड़े भूखंड तैयार किए हैं ताकि उन्हें जमीन पर न जाना पड़े। इन लोगों का पूरा जीवन पानी से जुड़ा है। जब सुबह होती है तो लोग मछली पकड़ने जाते हैं।

विशेषज्ञ ध्यान दें कि चीन में क्रांति के बाद कम्युनिस्ट शासन स्थापित होने तक इन लोगों ने जमीन पर पैर भी नहीं रखा था। हालांकि, अब उन्होंने कुछ रियायतों के साथ समुद्र तट पर रहने वाले लोगों के संपर्क में रहना शुरू कर दिया है। फिर भी कोई तैरते घर में रहने की परंपरा से मुक्त नहीं होना चाहता। आज भी लड़के-लड़कियों की शादी नावों में ही कर दी जाती है।


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