पाकिस्तान की कश्मीर की धुन सरकार बदलने के बाद भी जस की तस, नए विदेश मंत्री ने UN के मंच पर बरसे

नई दिल्ली, 20 मई, 2022, शुक्रवार

पाकिस्तान में जो भी सरकार है, कश्मीर चीर वही है।

पाकिस्तान में नई सरकार बनने के बाद विदेश मंत्री बने बिलावल भुट्टो जरदारी ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर एक बार फिर कश्मीर गीत गाया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में खाद्य सुरक्षा पर खुली बहस में जरदारी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना संघर्षों को सुलझाने, युद्धों को समाप्त करने और शांति स्थापित करने के लिए की गई थी।

जरदारी ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के भारत सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन बताया। साथ ही उन्होंने कहा, भारत कश्मीरी लोगों पर अत्याचार कर रहा है। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के भारत के फैसले के साथ-साथ कश्मीर में नए सीमांकन जैसी कार्रवाई न केवल कश्मीर के लोगों पर बल्कि संयुक्त राष्ट्र और जिनेवा सम्मेलनों पर भी हमला है।

जरदारी ने कहा कि कश्मीर में मुस्लिम बहुसंख्यकों को उनकी ही जमीन पर अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश की जा रही है। कश्मीर के युवाओं के सामने सवाल यह है कि इस संघर्ष को कैसे सुलझाया जाए और इन सबके बीच संयुक्त राष्ट्र हाथ पर हाथ धरे बैठा है. हम उन लोगों को चुनौती देते हैं जो खाद्य सुरक्षा के बारे में चिंतित हैं, कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए। अगर दक्षिण एशिया में शांति बनी तो भारत और पाकिस्तान के किसान दुनिया का पेट भर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि गेहूं के निर्यात पर भारत के प्रतिबंध की निंदा करने की जरूरत है।

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