
तेगुसिगाल्पा, 22 जुलाई, 2022
ला यूनियन उत्तर-मध्य होंडुरास में योरो के पास गरीबी और बेरोजगारी का एक गाँव है। मक्का और फलियों की छोटे पैमाने पर खेती उनका मुख्य आधार है। गरज और बिजली के साथ बारिश के दौरान हजारों उंगली के आकार की भूरी मछलियाँ गिर जाती हैं।सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि ये मछलियाँ बारिश के दौरान होने वाली बाढ़ में भी पाई जाती हैं। जब बारिश रुक जाती है और बाढ़ कम हो जाती है, तो मछलियाँ भी गायब हो जाती हैं।

सालों से चले आ रहे इस क्रम में मछलियां जमीन से नहीं बारिश में होती हैं। इस क्षेत्र के गरीब लोगों का मानना है कि भगवान बारिश के साथ-साथ खाना भी भेजते हैं। इन मछलियों का उपयोग लोग भोजन के रूप में भी करते हैं। कई लोग बारिश के पानी से ज्यादा मछलियों का इंतजार करते हैं।
इस घटना के बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि 18वीं शताब्दी में यहां स्पेनिश उपनिवेश के दौरान एक धर्मनिष्ठ ईसाई संत द्वारा इस गरीब क्षेत्र के लोगों के लिए भोजन के लिए प्रार्थना करने के बाद से मछलियां गिरने लगी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह वास्तव में भगवान की देन है। 75
अटलांटिक महासागर इस जगह से 65 किमी दूर है
बारिश न होने पर एक भी मछली का न दिखना इस बात का प्रमाण है कि वह आसमान से गिरती है। अटलांटिक महासागर इस जगह से 65 किमी दूर है। इसलिए, यदि अतिरंजित माना जाता है, तो वाष्पीकरण के दौरान मछली आकाश में चढ़ जाएगी। हालांकि यह कभी-कभार हो सकता है, लेकिन हर साल और नियमित रूप से ऐसा होने की संभावना नहीं है। यह वास्तव में एक रहस्य है जिसे केवल भगवान ही जानते हैं इसलिए भूरे रंग की चांदी की मछली का नाम रेन मछली है।
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