गरीब पाकिस्तान: मित्र देशों को बेची गई सरकारी संपत्तियां


- पाकिस्तान की कैबिनेट ने अंतर-सरकारी वाणिज्यिक लेनदेन अधिनियम, 2022 को मंजूरी दे दी है।

नई दिल्ली तिथि। 29 जुलाई 2022, शुक्रवार

गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान श्रीलंका जैसे संकट का सामना कर रहा है. इसे देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने अपने स्वामित्व वाली कंपनियों को अपने मित्र देशों को बेचने की योजना बनाई है। पाकिस्तान अपने बायबैक विकल्प के साथ अपनी सूचीबद्ध कंपनियों में हिस्सेदारी बेचेगा। पाकिस्तान ने वर्ष 2022-23 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लगभग 4 बिलियन डॉलर के वित्तपोषण अंतर को आंशिक रूप से कवर करने के लिए यह निर्णय लिया है।

आयात पर प्रतिबंध हटाएगा पाकिस्तान

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने बुधवार को राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों (एसओई) के कॉर्पोरेट प्रशासन पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि उपरोक्त प्रतिबंधों को कुछ हफ्तों में हटा लिया जाएगा और इससे चालू वित्त वर्ष में आईएमएफ ऋण अंतर को बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कंपनियों के शेयरों की बिक्री इस शर्त के साथ की जाएगी कि पाकिस्तान उन्हें दोबारा खरीद सके। फंड की पहली किश्त अगस्त में आईएमएफ से आसानी से उपलब्ध होगी।

कानून में अनुमत अनुसंधान

पाकिस्तान की कैबिनेट ने अंतर-सरकारी वाणिज्यिक लेनदेन अधिनियम 2022 को मंजूरी दे दी है। तो कंपनियों की बिक्री का रास्ता साफ हो सकता है। मंत्री ने इसे जरूरी कदम बताया क्योंकि

वर्तमान निजीकरण कानून सरकार से सरकार (G2G) के आधार पर ऐसे व्यावसायिक लेनदेन की अनुमति नहीं देते हैं। कैबिनेट बैठक के बाद एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कैबिनेट ने कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा पेश किए गए वाणिज्यिक लेनदेन अधिनियम 2022 को मंजूरी दे दी है और इसे संसद की स्थायी समिति के पास भेज दिया गया है।

चीन और सऊदी मित्र देश हैं

पाकिस्तान के चीन और सऊदी अरब जैसे देशों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। आर्थिक संकट के समय ये देश उनकी काफी मदद कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि हम बहुमत हिस्सेदारी या स्वामित्व अधिकार नहीं दे रहे हैं। पाकिस्तान अल्पमत हिस्सेदारी बेच रहा है। पाकिस्तान आर्थिक संकट की स्थिति में पहुंच गया है। विदेशी कर्ज बढ़ने से इसका विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से घट रहा है।

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