
अहमदाबाद। 17
एक रिपोर्ट में प्रकाशित किया गया है कि 2010 और 2019 के बीच दुनिया में प्रदूषण में सबसे अधिक वृद्धि वाले शीर्ष 20 शहरों में से 18 भारत में स्थित हैं। यह रिपोर्ट बुधवार को अमेरिकी संस्था हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट (एचईआई) ने दुनियाभर के 7,000 शहरों से आंकड़े जुटाकर जारी की है।
प्रदूषण की मात्रा निर्धारित करने के लिए PM2.5 को दुनिया में बेंचमार्क माना जाता है। यह हवा में पाया जाने वाला एक ऐसा पदार्थ है जो सिर पर लगे बालों से 2.5 माइक्रोमीटर या 100 गुना पतला होता है। लेकिन यह लगातार हवा में तैरता रहता है और अगर यह सांस में ऑक्सीजन के साथ मानव शरीर में प्रवेश कर जाए तो यह घातक बीमारियों का कारण बन सकता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अध्ययन के दौरान वर्ष 2019 में पीएम2.5 के कारण 17 लाख लोगों की जान चली गई। हालांकि, चीन के 15 शहर, यूक्रेन में तीन और बुल्गारिया में दो शहर दुनिया में सबसे घातक पीएम2.5 के लिए जिम्मेदार शहरों में शामिल हैं। हालांकि भारत में प्रदूषण का स्तर खतरनाक, घातक है, लेकिन इससे होने वाली मृत्यु दर कम है।
यह लाल नक्शा भारत के नक्शे पर दिखाई देता है? ये सभी सबसे प्रदूषित शहर हैं

भारत और इंडोनेशिया में पिछले 10 साल में पीएम2.5 में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि चीन में गिरावट देखी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है, "दुनिया भर में 7,239 शहरों के एक अध्ययन में, 2010 और 2019 के बीच PM2.5 में सबसे अधिक वृद्धि वाले 20 शहरों में भारत में 18 और इंडोनेशिया में दो शामिल हैं," रिपोर्ट में कहा गया है।
इस मानचित्र में दिखाई देने वाले लाल बिंदु में प्रदूषण के कारण मृत्यु की संभावना सबसे अधिक है

पीएम2.5 में सर्वाधिक वृद्धि वाले दुनिया के 50 शहरों में भारत के 41 शहर और इंडोनेशिया के नौ शहर शामिल हैं।
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