
नई दिल्ली, 2 अगस्त 2022, मंगलवार
अल कायदा प्रमुख अल जवाहिरी के खात्मे के लिए अमेरिका ने अपने शस्त्रागार में सबसे खतरनाक हथियारों में से एक एमक्यू-9 रीपर एएस ड्रोन का इस्तेमाल किया है।
यह वही ड्रोन है जिसका इस्तेमाल अमेरिका ने 2019 में ईरानी सेना के जनरल सुलेमानी को मारने के लिए किया था। इस ड्रोन को प्रीडेटर के नाम से भी जाना जाता है। भारत और अमेरिका भी हाल ही में एमक्यू-9 रीपर एएस ड्रोन खरीदने के लिए बातचीत कर रहे थे।
इस ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्पीड है। रीपर ड्रोन 370 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है और 2000 किमी की दूरी से भी दुश्मन को निशाना बना सकता है।
इसकी एक और बड़ी बात यह है कि यह रडार की पहुंच से दूर रहता है। यहां तक कि अमेरिकी वायु सेना का भी मानना है कि यह ड्रोन सबसे खतरनाक है। यह चार लेजर गाइडेड मिसाइलों को फिट कर सकता है। यह मिसाइल हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने में सक्षम है।
अल-जवाहिरी का अंत करने के लिए इसे हेलफायर R9X मिसाइल से सुसज्जित किया गया था। चूंकि मिसाइल लेजर गाइडेड है, इसलिए इसका लक्ष्य सटीक है और लक्ष्य के आसपास लोगों या अन्य वस्तुओं को नुकसान पहुंचाने की कोई संभावना नहीं है।
इस मिसाइल पर लगे ब्लेड इसे और खतरनाक बनाते हैं। मिसाइल को 2011 में विकसित किया गया था और इसे पहली बार 2017 में तैनात किया गया था। उस समय अमेरिका ने इस मिसाइल का इस्तेमाल अल कायदा के आतंकी अबू अल मसरी को मारने के लिए किया था।
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