
लंदन, अगस्त 6, 2022, शनिवार
गर्म पानी की बजाय ठंडे पानी से नहाने से मानसिक तनाव और रक्तचाप कम होता है। इसके अलावा, यह मांस के ऊतकों को मजबूत करने से प्रतिरक्षा प्रणाली को भी लाभ पहुंचाता है। एक हेल्थ मैगजीन में छपी जानकारी के मुताबिक लगातार 90 दिनों तक ठंडे पानी से नहाने से 29 फीसदी लोगों की सेहत में सुधार आया। ठंडे पानी से नहाने से कोई नुकसान नहीं होता, सिवाय इसके कि आप कांप जाते हैं।
कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि नियमित ठंडे स्नान से सर्दी, फ्लू या कोई बीमारी नहीं होती है। इसके अलावा ठंडे पानी से नहाने से जो एनर्जी बूस्ट होती है वह कैफीन से भी ज्यादा होती है। हाथ और पैर ठंडे लगते हैं लेकिन इसे सहने के बाद राहत महसूस होती है। हानिकारक रसायनों को बाहर निकाल दिया जाता है, जिससे तनाव कम होता है। हालांकि, जैसे ही अत्यधिक ठंडे पानी से मस्तिष्क हिलता है, अवसाद जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। ठंडे और फिर गर्म पानी से नहाना भी कई लोगों की आदत होती है।
बहुत से लोग मानते हैं कि ठंडा पानी मांसपेशियों के लचीलेपन को कम करता है। यदि आप बूढ़े हैं और आपको हृदय रोग है, तो आप बेहोश हो सकते हैं या इससे नुकसान हो सकता है। ठंडे पानी की बौछारों के संबंध में विशिष्ट नैदानिक परीक्षण अभी भी किए जा रहे हैं, लेकिन गर्म पानी से स्नान करने से अंडकोष का तापमान बढ़ जाता है, जिससे शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाती है।
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