कचरा डंप बड़ी मात्रा में जहरीली मीथेन गैस का उत्पादन करता है


- एक उपग्रह आधारित शोध के अनुसार, मुंबई में एक उकरदा प्रति वर्ष 85,000 टन मीथेन गैस का उत्पादन करता है।

लंदन, 11 अगस्त 2022, गुरुवार

दुनिया में जलवायु परिवर्तन अब एक वास्तविक और खतरा बनता जा रहा है। हर साल करीब 57 मिलियन टन जहरीली गैस वातावरण को प्रदूषित कर रही है। जहरीली गैस की इस बढ़ती मात्रा का सबसे बड़ा हिस्सा वाहनों, उद्योगों का है। लेकिन वैज्ञानिक यह भी मानने लगे हैं कि जानवरों और कृन्तकों से भी जहरीली गैस का खतरा बढ़ रहा है। न्यूज़ीलैंड सरकार ने वर्ष 2025 से जानवरों के डकार पर टैक्स वसूलने का ऐलान किया है!

साइंस एडवांसेज जर्नल में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। उपग्रह में लगे एक विशेष कैमरे ने क्रस्टेशियंस से मीथेन गैस के उत्पादन का अध्ययन किया है। यह अध्ययन अर्जेंटीना, भारत और पाकिस्तान के कुछ शहरों के आंकड़ों के आधार पर वर्ष 2020 के आंकड़ों को इकट्ठा करके तैयार किया गया है।

इस शोध के अनुसार, मुंबई के कांजुरमार्ग इलाके में स्थित एक उकारदा में प्रति दिन 9.8 टन यानी 85,000 टन मीथेन गैस का उत्पादन होता है। अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स सालाना 250,000 टन मीथेन का उत्पादन करती है। इस अध्ययन में दिल्ली और कराची को भी शामिल किया गया है।

इस अध्ययन के अनुसार वर्तमान में विश्व के कुल विषैली गैस प्रदूषण में प्रदूषण से होने वाली क्षति 11 प्रतिशत है और वर्ष 2050 में जिस प्रकार से जनसंख्या वर्तमान दर से बढ़ रही है उसके अनुसार इसका 70 प्रतिशत भाग किसके द्वारा होगा। विश्व बैंक के एक शोध के अनुसार प्रदूषण।

मीथेन गैस प्रदूषण कार्बन डाइऑक्साइड से 80 गुना ज्यादा खतरनाक है। ऐसे में अगर मीथेन का उत्पादन कम कर दिया जाए तो दुनिया जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई और तेजी से जीत सकती है।


टिप्पणियाँ

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *