चीन ने ताइवान की खाड़ी में तैनात की अपनी सबसे खतरनाक रॉकेट फोर्स, जानें इसकी ताकत

नई दिल्ली, 5 अगस्त 2022, शुक्रवार

चीन और ताइवान के बीच जारी तनाव के बीच जंग के बादल मंडरा रहे हैं.

इस तरह के विस्फोटक माहौल में चीन ने ताइवान की खाड़ी में अपनी सबसे खतरनाक रॉकेट फोर्स गिरा दी है। जिसका मतलब यह भी है कि चीन सिर्फ मिसाइल हमला करके भी ताइवान को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।

चीन की रॉकेट फोर्स का पूरा नाम पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स है इसकी स्थापना 56 साल पहले हुई थी। इस बल में जमीन से दागी जाने वाली मिसाइलें शामिल हैं। इनमें पारंपरिक और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें शामिल हैं। चीन की सबसे उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइल डोंगफेंग जेडएफ भी इसी बल का हिस्सा है।

कहा जाता है कि रॉकेट फोर्स के पास फिलहाल 320 परमाणु हथियार हैं। हालांकि, इनमें से कितने एक्टिव हैं, यह किसी को नहीं पता। रॉकेट बल वर्तमान में 50 से 75 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस है, यानी मिसाइलें जो दुनिया में कहीं भी हमला कर सकती हैं।

इसके अलावा इसमें 200 से 300 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल हैं।हालांकि हाइपरसोनिक मिसाइल डोंगफेंग जेडएफ इस बल का हिस्सा है, लेकिन ताइवान के खिलाफ इसके इस्तेमाल की संभावना नहीं है। क्योंकि इसकी गति 12000 किमी प्रति घंटा है और ताइवान इस मिसाइल का उपयोग करने के लिए पर्याप्त दूर नहीं है।

इसके अलावा DF-41, DF-31B, DF-31A, DF-31, DF-5C, DF-5B, DF-5A, DF-4 प्रकार की मिसाइलें भी रॉकेट फोर्स में शामिल हैं। इसमें कुछ जहाज रोधी बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। DF 16 मिसाइलों को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल कहा जाता है।

ताइवान और चीन के बीच कम दूरी को देखते हुए इस बात की अधिक संभावना है कि चीन ताइवान के खिलाफ DF-15C, DF-15B, DF-15A, DF-11A, M20, BP-12A, P-12 शॉर्ट रेंज मिसाइलों का इस्तेमाल करेगा। रॉकेट फोर्स के पास ऐसी 1200 से ज्यादा मिसाइलें हैं।

चीन की रॉकेट फोर्स के पास करीब 500 CJ-10A क्रूज मिसाइलें हैं। इसका पुराना वर्जन भी रॉकेट फोर्स में तैनात है। माना जाता है कि कुल मिलाकर चीन के पास करीब 3000 क्रूज मिसाइलें हैं।

इससे पहले चीन 1995-96 में ताइवान के पास मिसाइलों का परीक्षण भी कर चुका है। उस समय भी दोनों देशों के बीच तनाव था।

चीन की रॉकेट फोर्स के सबसे बड़े ठिकाने फ़ुज़ियान और ग्वांगडोंग प्रांतों में हैं। जहां से ताइवान के तीन तरफ से मिसाइल दागी जा सकती है। रॉकेट फोर्स में कुल 1.20 लाख जवान हैं। चीनी मिसाइलें आमतौर पर ट्रकों पर लगाई जाती हैं और ये ट्रक सुरंगों में छिपे होते हैं। कई अन्य मिसाइलों को जमीन में बने विशेष बंकरों में रखा जाता है।


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