हर साल उपकरणों से 15 अरब लिथियम बैटरी फेंके जाने के साथ, ई-कचरे की बढ़ती मात्रा खतरनाक हो गई है


न्यूयॉर्क, 24 सितंबर, 2022, शनिवार

इलेक्ट्रिक वाहनों के आने से बैटरी से प्रदूषण बढ़ने की संभावना है। चीन ने इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के उत्पादन के लिए वर्ष 2020 में 5 लाख टन लिथियम आयन बैटरी का उत्पादन किया। प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम बैटरी बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन जिस तरह से उनका उत्पादन बढ़ रहा है, 2030 तक दुनिया में लिथियम बैटरी अपशिष्ट 2 मिलियन टन तक पहुंच जाएगा।

इसलिए लिथियम के पुनर्चक्रण पर जोर देने की आवश्यकता है, लेकिन केवल 0.5 प्रतिशत पुनर्चक्रण किया जाता है। एक जानकारी के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में सिर्फ 2 से 3 फीसदी और अमेरिका और यूरोपीय देशों में सिर्फ 5 फीसदी रिसाइकलिंग होती है। अगले 10 साल के दौरान बाजार में 14 करोड़ इलेक्ट्रिक वाहन होंगे। जिनमें से 11 करोड़ से अधिक लिथियम आयन बैटरी ने अपनी दक्षता पूरी कर ली है।


इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की जानकारी के मुताबिक 2022 के अंत तक लिथियम आयन बैटरी इंडस्ट्री 70 अरब डॉलर को पार कर चुकी होगी। डिस्चार्ज की गई अप्रयुक्त बैटरियों में जहरीले रसायन होते हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में सेलफोन की बैटरी भी तेजी से आम होती जा रही है। पारंपरिक ईंधन माने जाने वाले पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए सौर और इलेक्ट्रिक वाहनों का युग शुरू होने वाला है।

जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम का उपयोग और उत्पादन बढ़ता जा रहा है, डिस्चार्ज की गई बैटरियों का उचित निपटान भी एक मुद्दा बन जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक, हर साल विभिन्न उपकरणों से 15 अरब लिथियम बैटरी फेंक दी जाती है। केवल अमेरिका में ही हर साल 3 अरब बैटरी (ड्राई सेल) का निपटान किया जाता है। जब ये बैटरियां लीक होती हैं, तो बैटरी के रसायन मिट्टी, पानी और वातावरण में मिल जाते हैं, जिससे ग्लोबल वार्मिंग होती है।

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