जानिए, लीज ट्रेस के खिलाफ क्यों पीछे रह गए पीएम उम्मीदवार ऋषि सुनोक?


लंदन, 5 सितंबर, 2022, सोमवार

एक लंबी प्रक्रिया के बाद आखिरकार ब्रिटेन को एक नया प्रधानमंत्री मिल गया है, उसका नाम लिज़ ट्रेस है। भारतीय मूल के संत सुनोक उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी थे लेकिन अंततः पीछे रह गए। और जैसी कि उम्मीद थी, लिज़ रेस का नाम सामने आ गया। कंजरवेटिव पार्टी के 160,000 से अधिक सदस्यों ने मतदान किया।

सनक ब्रिटेन के राजकोष के चांसलर थे लेकिन अगर उन्हें प्रधान मंत्री चुना जाता तो यह एक ऐतिहासिक क्षण होता। एशियाई मूल के नेता ब्रिटेन में कई पदों पर रह चुके हैं लेकिन अभी तक प्रधानमंत्री नहीं बने हैं। ऋषि ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह झूठे और अधूरे वादे कर लोगों को गुमराह करने में यकीन नहीं रखते। उन्होंने कई बार कहा है कि हार उन्हें मंजूर है लेकिन बेईमानी नहीं।

जानकारों का मानना ​​है कि ब्रिटेन में ऐसी मान्यता थी कि ऋषि सनक बहुत अमीर और पॉश व्यक्ति थे। उनकी इस छवि ने आम लोगों से दूरी बना दी। इनकी गिनती ब्रिटेन के 250 सबसे अमीर परिवारों में होती है। हालाँकि, उनका जन्म साउथेम्प्टन शहर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था।

पिता डॉक्टर है और बेटा केमिस्ट अपनी ही मेहनत से अमीर बना है यानी सेल्फ मेड है। कंजरवेटिव पार्टी के कुछ लोगों का मानना ​​था कि ऋषि ने वित्त मंत्री पद से इस्तीफा देकर पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन को धोखा दिया है। उनके इस्तीफे के बाद कई मंत्रियों ने इस्तीफा दिया।

तो आखिरकार बोरिस जोन्स को भी पद छोड़ना पड़ा। इसलिए शुरुआत में आगे रहने के बावजूद वे पीछे छूट गए। बोरिस जॉनसन ने खुले तौर पर कहा है कि आप जिसे चाहते हैं उसे वोट दें लेकिन सुनोक को वोट न दें।

ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हुईं जिनसे लिज़ ट्रीज़ को सनक से अधिक लाभ हुआ। ब्रिटेन को मजबूत और शक्तिशाली बनाने के लिए लिज़ के वादों की कमी और पार्टी में मामलों की स्थिति को देखते हुए, शासन करना आसान नहीं होगा। ऋषि सनक भले ही पीछे छूट गए हों लेकिन अगले चुनाव में उन्हें मजबूत होने का मौका मिल सकता है।

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