
नई दिल्ली, दिनांक 4
भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि रूस और भारत, दोनों रणनीतिक साझेदार, यूक्रेन युद्ध संकट और नकारात्मक बाहरी कारकों द्वारा बनाई गई बाधाओं के बीच रक्षा सहयोग को प्रभावी ढंग से बनाए रखने के लिए दृढ़ हैं।
रूसी राजदूत ने कहा कि रूस द्वारा भारत को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली एस-400 मुहैया कराने की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है। दोनों पक्ष रक्षा क्षेत्र में आपसी संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर नियमित बातचीत कर रहे हैं।
भारत में कुछ तिमाहियों को डर है कि यूक्रेन में युद्ध भारतीय सेना को एस -400 मिसाइल प्रणाली सहित महत्वपूर्ण हथियारों की रूस की आपूर्ति में देरी कर सकता है। इस पृष्ठभूमि में, रूसी राजदूत ने कहा कि एस-400 की डिलीवरी तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक रूस ने एस-400 मिसाइल सिस्टम की पहली रेजिमेंट की डिलीवरी दिसंबर 2021 में शुरू की थी। इसकी दूसरी रेजिमेंट के अधिकांश घटकों की डिलीवरी पूरी हो चुकी है। अलीपोव ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में सहयोग रूस और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी के मुख्य स्तंभों में से एक है। दोनों देश यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि यह सहयोग बिना किसी बाधा के जारी रहे। हम नकारात्मक बाहरी कारकों द्वारा निर्मित बाधाओं को दूर करने और वैकल्पिक भुगतान और लॉजिस्टिक विकल्पों को अपनाकर नई वास्तविकताओं को समायोजित करने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच व्यक्तिगत समझ है। वे नियमित रूप से संवाद करते रहते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि दिसंबर 2021 में रूसी राष्ट्रपति पुतिन की नई दिल्ली की यात्रा ऐतिहासिक थी। दोनों नेताओं ने इस साल चार बार टेलीफोन पर बात की है। उन्हें ब्रिक्स, एससीओ और जी-20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बोलने के कई अवसर मिले हैं।
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