
कैलिफोर्निया, डीटी। 17 सितंबर 2022 शनिवार
आतंकवाद को पनाह देने की चीन की मंशा एक बार फिर सामने आ गई है। चीन ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के संयुक्त राष्ट्र के प्रयास को अवरुद्ध कर दिया। मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव अमेरिका द्वारा लाया गया था। भारत ने इसका समर्थन किया लेकिन चीन ने अंतिम समय में इसे रोक दिया।
साजिद मीर पर 2008 के मुंबई हमलों की साजिश रचने का आरोप है। भारत ने अमेरिका की मदद से उसे ब्लैकलिस्ट करने की योजना तैयार की थी।
उन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल-कायदा अनुभाग समिति द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया था। यह तीसरी बार है जब चीन ने किसी आतंकी को वैश्विक आतंकी घोषित करने की कोशिश में रोड़ा अटका दिया है।
संयुक्त राष्ट्र में चीन इससे पहले जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ अजहर को अब्दुल रहमान के साथ वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की अमेरिका और भारत की कोशिश को मात दे चुका है। हालाँकि, संयुक्त राष्ट्र समिति ने रमत-उद-दावा को एक आतंकवादी मोर्चा समूह घोषित किया है। इसे लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा माना जाता है।
संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव 1267 उन लोगों और संगठनों पर प्रतिबंध लगाता है जो आईएसआईएल और अल कायदा जैसे आतंकवादी संगठनों का समर्थन करते हैं। साजिद मीर लश्कर का अहम कमांडर है। वह आतंकी संगठन की भारत स्थित शाखा चलाता है। उस पर भारत के अलावा अन्य देशों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देकर कई लोगों की हत्या करने का आरोप है।
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