
न्यूयॉर्क, 13 अक्टूबर 2022, गुरुवार
मनुष्य का अपने पूर्वजों के साथ एक विशेष संबंध होता है लेकिन मनुष्य के पूर्वज वास्तव में कैसे दिखते थे, यह कोई नहीं जानता। जीवाश्मों, कंकालों और जैविक साक्ष्यों के आधार पर विभिन्न जीवों का अध्ययन किया जाता है, लेकिन कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें एक महिला की 31 हजार साल पुरानी तस्वीर थी। कैमरे के आविष्कार को लगभग 150 साल हो चुके हैं।
पेंटिंग की कला भी कुछ सदियों पुरानी है, जबकि एक तस्वीर 31 हजार साल पुरानी नहीं हो सकती। बात लगभग 1881 ई. पुरातत्वविदों को चेक गणराज्य की एक गुफा में दबी हुई एक मानव खोपड़ी मिली है। वैज्ञानिक शोध के आधार पर खोपड़ी 31 हजार साल पुरानी साबित हुई थी। साथ ही यह खोपड़ी 17 साल की एक लड़की की थी। यह महिला प्राचीन काल में पृथ्वी पर रहती थी। एप्रोच टू द स्कूल म्लाडेस -1 नामक एक पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि यह खोपड़ी यूरोप में सबसे पुराने होमोसैपियंस में से एक है।
इस खोपड़ी को नए डेटा और कृत्रिम बुद्धि के आधार पर स्कैन किया गया था, और अंततः विभिन्न वर्गीकरण प्रक्रियाओं को निष्पादित करके छवि को उभरा था। तस्वीर को अंतिम रूप देने के लिए यूरोपीय, अफ्रीकी और एशियाई लोगों सहित मानव समुदायों के 200 से अधिक सीटी स्कैन और डेटा का अध्ययन किया गया। 3डी मॉडल से खोपड़ी पर विभिन्न प्रक्रियाएं की गईं। आखिरकार जो चेहरा सामने आता है वह हैरान करने वाला होता है।
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