( पीटीआई) फ्रैंकफर्ट ,डीटी। 30 
बिजली और प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों से यूरोपीय देशों में महंगाई दहाई अंक में पहुंच गई है। यूरोपीय संघ (ईयू) की सांख्यिकीय एजेंसी यूरोस्टेट ने शुक्रवार को कहा कि 19 देशों के यूरोपीय संघ में उपभोक्ता मूल्य यानी खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में रिकॉर्ड 10 प्रतिशत पर पहुंच गई। उल्लेखनीय है कि अगस्त में खुदरा महंगाई दर 9.1 फीसदी थी।
एक साल पहले खुदरा महंगाई दर 3.4 फीसदी थी। 1997 में यूरो के लिए रिकॉर्ड कीपिंग शुरू होने के बाद से मुद्रास्फीति का यह स्तर उच्चतम है।
महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी है। एक साल पहले की तुलना में ऊर्जा की कीमतों में 40.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भोजन , शराब और तंबाकू की कीमतों में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बाद रूस ने यूरोप को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में कटौती की है। इसके कारण यूरोप में प्राकृतिक गैस की कमी है। जिससे ऊर्जा की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और यही वजह है कि यूरोप में महंगाई हर महीने नए रिकॉर्ड बना रही है।
चूंकि लोगों कोबिजली ,गैस, भोजन जैसी चीजों पर अधिक खर्च करना पड़ता है, वे अन्य चीजों पर कम खर्च कर रहे हैं। इस स्थिति ने यूरोप में मंदी की आशंका पैदा कर दी है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए लगातार ब्याज दरों में वृद्धि कर रहा है।
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