
नोबेल समिति ने तीन अमेरिकी अर्थशास्त्रियों, बेन बर्नानके, डगलस डायमंड और फिलिप डाइबविंग को अर्थशास्त्र में 2022 का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की। इन तीनों अर्थशास्त्रियों ने आर्थिक संकट से लड़ने के तंत्र और समर्थन प्रणाली का अध्ययन किया।
नोबेल समिति ने अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार की घोषणा की। अर्थशास्त्र में 2022 के नोबेल पुरस्कार की घोषणा तीन अमेरिकी अर्थशास्त्रियों को की गई जिन्होंने बैंकिंग प्रणाली और अर्थव्यवस्था को ढहने से रोकने के लिए एक विशेष तरीका प्रदान किया। 1980 के दशक में इन अर्थशास्त्रियों ने बैंकिंग प्रणाली और अर्थव्यवस्था का अध्ययन किया। खासतौर पर इन तीनों अर्थशास्त्रियों ने बैंकिंग व्यवस्था के चरमराने पर देश की अर्थव्यवस्था के खिलाफ क्या-क्या चुनौतियाँ खड़ी की जा सकती हैं और इससे बचने के लिए क्या कदम उठाए जाने को लेकर अहम योगदान दिया है।
68 वर्षीय बेन एस. बर्नानके अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख थे। 1980 के दशक में उन्होंने 1930 की महामंदी के संदर्भ में बैंकिंग प्रणाली का मूल्यांकन किया। बैंकिंग प्रणाली में समाज की क्या भूमिका है और देश की अर्थव्यवस्था के लिए बैंकिंग प्रणाली का क्या महत्व है, इसका विस्तार से अध्ययन करके पता चलता है कि अगर लोग अराजकता में बैंक से पैसा निकालना शुरू कर दें तो स्थिति कैसे उत्पन्न हो सकती है।
इसी तरह शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डगलस डायमंड और फिर येल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर फिलिप डाइविंग ने संयुक्त रूप से डायमंड-डाइविंग मॉडल पेश किया। इसने समाज पर बेकिंग सिस्टम के प्रभावों की विस्तृत समझ भी दी। देश में आर्थिक संकट की संभावना से कैसे निपटा जाए और बैंक बंद होने की अफवाहों पर दोनों द्वारा प्रस्तुत मॉडल का अमेरिका सहित दुनिया भर में व्यापक प्रभाव पड़ा।
समिति ने तीन अर्थशास्त्रियों को बैंकिंग प्रणाली में उनके योगदान के लिए अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की।
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