बीजिंग ,डीटी। 24 
शी जिनपिंग तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति बने हैं। परंपरा को तोड़ते हुए शी को रविवार को पार्टी के नेता के रूप में तीसरा पांच साल का कार्यकाल सौंपा गया। उन्हें सात सदस्यीय पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य के रूप में नामित किया गया है और समिति ने उन्हें अपनी योजनाओं को लागू करने की अनुमति दी है।
तीसरी बार चीन की गद्दी संभालने वाले शी जिनपिंग दुनिया के लिए बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शी के तीसरे कार्यकाल में दुनिया को व्यापार , सुरक्षा और मानवाधिकारों के मुद्दों पर तनाव का सामना करना पड़ेगा ।
सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के नेतृत्व के तीसरे कार्यकाल पर विशेषज्ञों ने यह समीक्षा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि शी जिनपिंग घर पर नियंत्रण मजबूत कर रहे हैं और चीन अपनी आर्थिक शक्ति का इस्तेमाल विदेशों में अपने प्रभाव का विस्तार करने के लिए कर रहा है।
अमेरिका लंबे समय से चीन पर अपने गठबंधनों , वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक नियमों को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाता रहा है।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने शी जिनपिंग सरकार पर लोगों पर कार्रवाई की आलोचना को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकारों की परिभाषा को बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के विलियम कैलहेन के अनुसार, शी जिनपिंग का कहना है कि विश्व व्यवस्था चरमरा रही है और चीन के पास इसका समाधान है।
गौरतलब है कि चीन के लोग इस बात से मायूस हैं कि शनिवार को समाप्त हुए सीपीसी के आम सम्मेलन में कोविड-19 के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति में ढील के कोई संकेत नहीं मिले.
शी ने प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता , तेजी से सैन्य विकास और विदेशों में बीजिंग के हितों की रक्षा का आह्वान किया।
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