
ताइपे, दिनांक 16
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कांग्रेस में ताइवान को मुख्य भूमि पर जबरन कब्जा करने की धमकी ने ताइवान को क्रोधित कर दिया है। ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल ने कहा कि ताइवान कभी भी चीन का हिस्सा नहीं था। हमारे देश की जनता 1992 की आम सहमति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
ताइवान मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल ने कहा कि एक देश, दो सिस्टम फॉर्मूला कभी भी ताइवान में हांगकांग की तरह लागू नहीं किया जा सकता है। ताइवान का भविष्य तय करने का अधिकार हमारे नागरिकों के हाथ में है। चीन गणराज्य (चीन गणराज्य - ताइवान) एक संप्रभु देश है और ताइवान कभी भी पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (चीन) का हिस्सा नहीं रहा है।
ताइवान के राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन के प्रवक्ता झांग डनहान ने कहा कि ताइवान लोकतंत्र और स्वतंत्रता के साथ एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है। हमने एक देश, दो व्यवस्था को दृढ़ता से खारिज कर दिया है। हम तार्किकता, समानता और आपसी सम्मान के सिद्धांत के तहत ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बीजिंग के अधिकारियों के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।
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