
- झूठे चालानों, गलत सेवाओं और ले-सेल्स में कदाचार द्वारा कंपनी को धोखा देना
कैलिफोर्निया, डीटी। 02 नवंबर 2022, बुधवार
अमेरिकी टेक कंपनी एपल के एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी से 17 मिलियन डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी की है। कैलीफोर्निया न्याय विभाग के अनुसार, धीरेंद्र प्रसाद नाम के एक देशी भारतीय कर्मचारी द्वारा Apple से 17 मिलियन डॉलर यानी लगभग 140 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। खास बात यह है कि इस अपराध को धीरेंद्र प्रसाद ने कबूल किया है। विशेष रूप से, 2008 से 2018 तक ऐप्पल में काम करने वाले धीरेंद्र प्रसाद ने मंगलवार को संघीय अदालत में दोषी ठहराया। वह विभिन्न विक्रेताओं से एप्पल के लिए पुर्जे और सेवाएं खरीदता था। उसने माल की बिक्री और खरीद के दौरान बड़े पैमाने पर कदाचार किया। सूत्रों के मुताबिक धीरेंद्र पुराने सामान को पैक कर कंपनी को वापस भेज देता था, जिसके लिए वह कंपनी से चार्ज भी लेता था। प्रसाद ने स्वीकार किया कि धोखाधड़ी 2018 तक चली और Apple की कीमत 17 मिलियन डॉलर से अधिक थी।
अभियोजकों ने कहा कि 52 वर्षीय प्रसाद को धोखाधड़ी की साजिश और संयुक्त राज्य अमेरिका को धोखा देने की साजिश सहित कई आरोपों में आरोपित किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 2011 में रिश्वत लेकर, फर्जी चालान करके, पुर्जों की चोरी करके और Apple को ऐसी सेवाओं के लिए चार्ज करके कंपनी को लूटना शुरू कर दिया, जो उसे कभी नहीं मिलीं। दूसरी ओर, प्रसाद ने यह भी स्वीकार किया कि साजिश में उनके सहयोगियों में रॉबर्ट गैरी हैनसेन और डॉन एम बेकर शामिल थे, दोनों कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के निवासी थे। प्रसाद ने कहा कि हैनसेन और बेकर विक्रेता कंपनियों के मालिक हैं। यह कंपनी बिजनेस में एपल के साथ जुड़ी हुई है। दोनों Sagaritos को अलग-अलग संघीय मामलों में अभियोग लगाया गया था, और इस जोड़ी ने यह भी स्वीकार किया कि वे धोखाधड़ी में शामिल थे। खास बात यह है कि प्रसाद और उसके साथियों ने अभी तक अपराध कबूल नहीं किया है। प्रसाद अब 14 मार्च, 2023 को सजा की सुनवाई का सामना करेंगे और तब तक हिरासत से बाहर रहेंगे। अगले साल मार्च के महीने में पता चलेगा कि उसे कितनी सजा मिलती है।
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