दो महीने में फट जाएगा रूस का एविएशन इंडस्ट्री!


- यूक्रेन युद्ध के चलते एयरलाइंस कंपनियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है

- आने वाले दिनों में विमान के रखरखाव के लिए स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं होंगे

- प्रतिबंधों के बावजूद रूसी एयरलाइंस वर्तमान में विदेशी मार्गों का संचालन कर रही हैं

- इस युद्ध के कारण लगे प्रतिबंधों ने रूसी अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है

नई दिल्ली, दिनांक 25 नवम्बर 2022, शुक्रवार

यूक्रेन के साथ युद्ध के कारण रूस पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्ध की वजह से यूक्रेन आधी दुनिया से कट गया है। इस युद्ध के कारण लगे प्रतिबंधों का प्रभाव रूसी अर्थव्यवस्था पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। वहीं, रूसी एयरलाइंस भी इससे अछूती नहीं रही हैं। प्रतिबंधों के बावजूद, रूसी एयरलाइंस वर्तमान में विदेशी मार्गों का संचालन कर रही हैं। पश्चिमी देशों ने रूसी एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। ऐसे में यह कहना बेहद मुश्किल है कि यह कब तक उड़ान भरता रहेगा। ऐसा होने के पीछे कुछ खास वजहें हैं।

वास्तव में, यूक्रेन के साथ युद्ध के बाद लगाए गए प्रतिबंधों के कारण रूसी एयरलाइनों को रखरखाव की वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी गई है। वहीं, विदेशी एयरलाइन कंपनियों ने भी रूसी एयरलाइंस से अपने व्यापारिक संबंध तोड़ लिए हैं। रूसी एयरलाइंस के स्वामित्व वाले अधिकांश विमान बोइंग और एयरबस द्वारा निर्मित होते हैं। ऐसे में उन्हें आने वाले दिनों में विमान के रखरखाव के लिए कल-पुर्जे नहीं मिलेंगे। जानकारों का कहना है कि मेंटेनेंस के अभाव में ज्यादा से ज्यादा दो या तीन हफ्ते में रूसी एयरलाइंस पूरी तरह से ठप हो जाएंगी।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अपने 10वें महीने में है। इस बीच, रूस को उन क्षेत्रों से पीछे हटना पड़ा है जिन पर उसने पहले कब्जा किया था। पूरा पश्चिमी जगत रूस के खिलाफ यूक्रेन की सैन्य और आर्थिक मदद कर रहा है। इस बीच रूस पर लगे प्रतिबंधों का असर भी देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी एयरलाइंस फिलहाल देश के भीतर बिना किसी प्रतिबंध के उड़ान भर रही हैं। लेकिन, पाबंदियों और रखरखाव के अभाव में वह भी ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाएगा।

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