मोबाइल में लोकेशन बंद होने पर भी गूगल आपको ट्रेस कर सकता है


वाशिंगटन, दिनांक 18

गूगल हमारे मोबाइल फोन में लोकेशन ऑफ करने के बाद भी हमारी लोकेशन ट्रेस कर सकता है। अमेरिका में चार साल की जांच के बाद गूगल के इन टैक्स के बारे में पता चला है।

अमेरिकी सरकार की जांच में यह भी पाया गया कि 2018 तक गूगल अमेरिका में गूगल ऐप से लॉग आउट करने के बाद भी यूजर्स की लोकेशन ट्रेस करता था। यूजर्स की 24 घंटे लोकेशन की जानकारी के मामले में गूगल अमेरिका की 40 राज्य सरकारों को 39.2 मिलियन डॉलर देगी। वित्तीय भुगतान के अलावा, Google नए साल से स्पष्ट कर देगा कि वह स्थान डेटा कैसे एकत्र करता है।

इसके अलावा गूगल यह भी बताएगा कि लोकेशन ट्रैकिंग ऑफ होने के बाद भी किस तरह का डेटा लिया जा सकता है। Google उपयोगकर्ताओं को स्थान ट्रैकिंग को अक्षम करने, सेटिंग्स के माध्यम से एकत्र किए गए डेटा को हटाने और डेटा प्रतिधारण के लिए समय सीमा निर्धारित करने के तरीके भी सिखाएगा। गूगल नए साल से अमेरिकी यूजर्स को लोकेशन टेक्नोलॉजी के बारे में भी विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराएगा।

विशेषज्ञों के मुताबिक, यूजर्स के लोकेशन डेटा से कंपनियों को यूजर्स की आदतों, खरीदारी के पैटर्न और यूजर्स की क्रय शक्ति के बारे में जानकारी मिलती है। कंपनियां तब उपयोगकर्ताओं को उनकी जरूरतों के आधार पर विज्ञापन भेजती हैं। कई वित्तीय कंपनियां लेन-देन के लिए यूजर्स के लोकेशन डेटा को भी देखती हैं, जिससे उनकी खर्च करने की क्षमता का अंदाजा भी लगाया जा सकता है।

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