चीन अपने सैनिकों के डीएनए से खेल रहा है


- दुनियाभर में जीन एडिटिंग को लेकर चिंता बढ़ी है

- चीन सैनिकों पर जीन एडिटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है

- इस तकनीक की मदद से डीएनए में बदलाव किया जा सकता है

नई दिल्ली, 17 दिसंबर 2022, शनिवार

जीन एडिटिंग की इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। हालांकि, फिलहाल लोगों को इसके बारे में बहुत कम जानकारी है। कहा जाता है कि इस तकनीक की मदद से प्रकृति द्वारा बनाई गई संरचनाओं को बदला जा सकता है। इस तकनीक की मदद से डीएनए को बदला जा सकता है। कई जानवरों पर इसका इस्तेमाल हो रहा है और नई नस्लें विकसित की जा रही हैं। जानवरों के अलावा इसका इस्तेमाल पेड़-पौधों पर भी हो रहा है।

अब पूरी दुनिया में जीन एडिटिंग की चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने एक-दूसरे पर अपने सैनिकों पर जीन एडिटिंग तकनीक का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया विभाग ने दावा किया है कि चीन अपने सैनिकों की जीन एडिटिंग कर रहा है। ब्रिटेन ने भी यही बात कही। ब्रिटेन ने कहा कि महाशक्ति बनने के लिए चीन सैनिकों का डीएनए बदल रहा है।

रिपोर्ट में बड़ा दावा

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चीन अब गुपचुप तरीके से जीन एडिटिंग पर काम कर रहा है। वह दुनिया को डराने की कोशिश कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में, तत्कालीन खुफिया प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने कहा कि चीन सबसे अधिक जीन-संपादन तकनीक का उपयोग कर रहा है। इसमें डीएनए के कुछ हिस्सों में बदलाव किया जाता है।

रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि चीन अपने सैनिकों पर जीन एडिटिंग का इस्तेमाल कर रहा है। इस वजह से उनका डीएनए बदला जा रहा है। डीएनए में बदलाव की वजह से उनके शरीर में भी बदलाव आ रहा है। हालांकि, जवानों को इस बात का अंदाजा नहीं है कि उनके शरीर में इस तरह के बदलाव क्यों हो रहे हैं। माना जाता है कि इस तकनीक से आदमी आधा रोबोट बन सकता है। उसकी भावना समाप्त हो जाएगी। कहा जा रहा है कि चीन सुपर सिपाहियों का निर्माण कर रहा है, ताकि वह युद्ध में इनका इस्तेमाल कर सके।

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