लंदन ,डीटी. 4 
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक देश के छात्रों को गणित में दक्ष बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका मानना है कि अठारह वर्ष की गणित की शिक्षा आवश्यक है ताकि ब्रिटेन दुनिया की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा प्रणाली का मुकाबला कर सके।
द इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधान मंत्री सनक अपने सार्वजनिक-उत्साही भाषण में कहेंगे कि भविष्य में विश्लेषणात्मक कौशल अपरिहार्य हो जाएंगे ,इसलिए छात्रों को उनका सामना करने के लिए अभी से तैयारी करनी चाहिए।
यहभी कहा जाता है कि ,सुनक यह भी बताएंगे कि कई अन्य देशों के विपरीत, ब्रिटेन में 16 से 19 वर्ष की आयु के लगभग पचास प्रतिशत छात्र गणित छोड़ देते हैं, इसलिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए गणित अपरिहार्य होगा।
इस संबंध में उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में गणित विषय पर विशेष जोर दिया जाता है, जहां पहली कक्षा से लेकर 10वीं कक्षा तक के बच्चे गणित पढ़ते हैं, इससे यह भी पता चलता है कि भारत के छात्र बेहतर हैं । कई अन्य देशों के छात्रों की तुलना में गणित में।
इसलिए अब मूल रूप से भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनके ब्रिटेन में भारतीय शिक्षक प्रणाली को अपनाने के लिए उत्सुक हो गए हैं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें