दुनिया का सबसे शुष्क क्षेत्र जहां सर्दी नहीं आती, गर्मी हमेशा के लिए राज करती है


अदीस अबाबा, 6 जनवरी, 2023, शुक्रवार

भारत के लोगों के जीवन को सर्दी, गर्मी और मानसून तीन मौसमों में बांटा गया है। इस समय उत्तर और पश्चिम भारत में सर्दियां जानलेवा हो गई हैं। हालांकि, यह जानकर हैरानी होगी कि दुनिया के देशों में से एक ऐसा क्षेत्र है जहां बारहमासी गर्मी रहती है। इस क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों ने कभी सर्दी नहीं देखी है।

यह क्षेत्र अफ्रीकी देश इथोपिया में स्थित है। इथियोपिया में दुनिया का सबसे शुष्क और गर्म क्षेत्र है जिसे डानाकिल डिप्रेशन कहा जाता है। औसत वार्षिक तापमान लगभग 35 डिग्री है।पृथ्वी पर उच्चतम तापमान रिकॉर्ड वाले स्थानों का औसत तापमान इतना अधिक नहीं है।


चिरस्थायी गर्मी के बाद इस क्षेत्र में बमुश्किल 100 मिलीमीटर बारिश होती है। यहां चुनौतियों और कठिनाइयों के बावजूद दशकों से मानव बस्ती फल-फूल रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि दनाकिल डिप्रेशन समुद्र तल से 125 मीटर नीचे है। यहां जमीन के नीचे तीन टेक्टोनिक प्लेट हैं।

ये प्लेटें हर साल करीब दो सेंटीमीटर एक दूसरे से दूर जा रही हैं। अत: भूगर्भ में हलचल के कारण समय-समय पर जलता हुआ लावा तथा ऊष्मा निकलती रहती है। इसके अलावा, लगातार आग और राख उगलने वाले सक्रिय ज्वालामुखी तापमान को गिरने नहीं देते हैं। जीवित। इसलिए दनाकिल डिप्रेशन में ऐसा महसूस होता है जैसे आप किसी दूसरे ग्रह पर पहुंच गए हों।


यहां लावा को गड्ढे में जमते और जमते भी देखा जा सकता है। दशकों पहले लावा के ठंडा होने से बनी छोटी-छोटी पहाड़ियां और पहाड़ भी दिखाई दे रहे हैं। अवश नामक नदी इस क्षेत्र में पेयजल का स्रोत है। गरमी के मौसम में जब नदी सूख जाती है तो उसके तल में सफेद नमक जम जाता है। नमक के पत्थरों को तराश कर शहर के बाजार में बेचने से लोगों को रोजगार मिलता है।

1974 में डोनाल्ड जॉनसन नाम के वैज्ञानिक और उनकी टीम ने ऑस्ट्रेलोपिथेकस नाम के व्यक्ति के कंकाल की खोज की थी। इस धरती पर जीवन की शुरुआत कैसे हुई और दूसरे ग्रह पर जीवन कैसे संभव है, इस शोध के लिए यह स्थान महत्वपूर्ण है। इसलिए इस क्षेत्र को एलियंस की भूमि भी माना जाता है।इस क्षेत्र का वातावरण पृथ्वी के किसी भी हिस्से से अलग है।

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