नेपाल के नए पीएम ने दिया भारत को झटका, बिना चीन का नाम लिए किया बड़ा ऐलान

काठमांडू, 11 जनवरी-2023, बुधवार

चीन के करीबी कहे जाने वाले नेपाल के नए प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल उर्फ ​​प्रचंड ने भारत के खिलाफ गतिविधियां शुरू कर दी हैं। नेपाल की सत्तारूढ़ दहल सरकार ने उत्तराखंड राज्य के लिंपियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को वापस लेने का वादा किया है। नेपाल से सटे इन इलाकों पर नेपाल अपना दावा करता रहा है। यह खुलासा नेपाल सरकार के साझा न्यूनतम कार्यक्रम के तहत पेश दस्तावेज में हुआ है। दस्तावेज़ में कहा गया है कि भारत ने कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा क्षेत्रों पर दबाव बनाया है और नई सरकार इन क्षेत्रों को वापस पाने के लिए सभी प्रयास करेगी।

नेपाल भारत के राजनीतिक मानचित्र में उत्तराखंड के 3 क्षेत्रों के बावजूद दावा करता है

खास बात यह है कि नेपाल जिन इलाकों पर कब्जा करना चाहता है, उसे भारत ने 2019 और 2020 के राजनीतिक नक्शों में अपनी सीमाओं के भीतर दिखाया है। उस समय इस मुद्दे पर भारत और नेपाल के बीच काफी विवाद भी हुआ था।

विशाल सरकार के कगार पर भारत

सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम के तहत नेपाल सरकार का उद्देश्य क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और स्वतंत्रता को मजबूत करना है। हैरानी की बात यह है कि कार्यक्रम के तहत एक बड़ी सरकार भारत को निशाने पर लेती है, लेकिन किसी भी सीमा विवाद में चीन का जिक्र नहीं है।

'दोस्ती सब से और दुश्मनी किसी से नहीं'

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के दस्तावेज में भी इस बात का जिक्र है कि नेपाल सरकार दोनों पड़ोसी देशों भारत और चीन के साथ संतुलित राजनयिक संबंध चाहती है। तो दस्तावेज यह भी कहता है कि नेपाल की दहल सरकार 'सबसे दोस्ती और किसी से दुश्मनी' के मंत्र पर आगे बढ़ेगी।

टिप्पणियाँ

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *