
- अब तक करीब 2,00,000 आईटी कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है
- 30 से 40 फीसदी भारतीय आईटी पेशेवर हैं
नई दिल्ली, दिनांक 23 जनवरी 2023, सोमवार
Google, Microsoft और Amazon जैसी कंपनियों में छंटनी से प्रभावित लोगों को एक नए संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है। नौकरी गंवाने वाले हजारों भारतीय आईटी पेशेवर अब अमेरिका में रहने के लिए अपने कार्य वीजा के तहत नई नौकरी खोजने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल नवंबर से अब तक करीब 2,00,000 आईटी कर्मचारियों की नौकरी चली गई है। इनमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक और अमेजन जैसी कंपनियों से बड़ी संख्या में लोगों की छंटनी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से 30 से 40 फीसदी भारतीय आईटी पेशेवर हैं। इनमें बड़ी संख्या में वे लोग हैं, जो एच1बी और एल1 वीजा पर अमेरिका में रहते हैं।
L-1A और L-1B वीजा अस्थायी इंट्राकंपनी ट्रांसफर के लिए उपलब्ध हैं। यह वीजा उन लोगों को दिया जाता है जो प्रबंधकीय पदों पर काम करते हैं या जिन्हें विशेष ज्ञान है। बड़ी संख्या में भारतीय आईटी पेशेवर गैर-आप्रवासी कार्य वीजा के आधार पर अमेरिका में हैं। अब नौकरी छूटने के बाद उन्हें अमेरिका में रहने के विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए इस पर निर्भर हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, एच-1बी वीजा धारकों के लिए स्थिति खराब होती जा रही है क्योंकि उन्हें 60 दिनों के भीतर नई नौकरी तलाशनी होगी वरना उनके पास भारत वापस जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा।
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