
वाशिंगटन, दिनांक 30-दिसंबर-2022, शुक्रवार
दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में एक बड़ी आपदा हो रही है। अमेरिकी वायुसेना का एक विमान चीनी सैन्य विमान से टकरा गया। दोनों विमानों के बीच सिर्फ 10 फीट का गैप बचा था। इस घटना को लेकर अमेरिका का कहना था कि अगर उनके पायलट ने समय रहते विमान को नहीं बचाया होता तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था. साथ ही अमेरिका ने चीन को चेतावनी भी दी है।
दोनों विमानों के बीच सिर्फ 10 फीट का गैप बचा था
अमेरिकी सेना ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले हफ्ते दक्षिण चीन सागर में एक चीनी सैन्य विमान अमेरिकी वायु सेना के एक विमान के इतने करीब आ गया था कि उनके बीच केवल 10 फीट की दूरी रह गई थी. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में दुर्घटना से बचने के लिए अमेरिकी फाइटर जेट के पायलट को वहां से अलग होने का तत्काल फैसला लेना पड़ा, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
अमेरिका ने कहा कि चीनी सेना के विमान का हमारे जेट के करीब आना बेहद खतरनाक था। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह घटना 21 दिसंबर को हुई, जब चीनी नौसेना का जे-11 लड़ाकू विमान और अमेरिकी वायुसेना का आरसी-135 विमान आसमान में उड़ रहे थे।
चीनी आसमान के रखवालों को सलाम!
- सोमालिया में चीन (@ChinaInSomalia) 29 दिसंबर, 2022
21 दिसंबर के फुटेज में एक चीनी J-11 फाइटर जेट को दक्षिण चीन सागर में चीनी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले अमेरिकी जासूसी विमान RC-135 को रोकते हुए दिखाया गया है।
प्रादेशिक जल और दूसरों की वायु को भंग करना कभी भी सुरक्षित नहीं है। #चीन #दक्षिण चीन सागर pic.twitter.com/6dddZw38Nq
अमेरिका ने चीन को चेताया
अमेरिका की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि हम उम्मीद करते हैं कि सभी देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार करेंगे। अमेरिकी सेना ने आगे कहा कि चीनी विमान अमेरिकी जेट के पंख के 10 फीट के दायरे में आ गए। हालांकि दोनों के आगे की तरफ 20 फीट का गैप था।
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