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| छवि: ट्विटर |
अहमदाबाद, 5 फरवरी 2023, रविवार
सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों को सीमित करने वाले कानून के खिलाफ इजरायल में जनता का गुस्सा बढ़ रहा है। पिछले पांच हफ्तों से यहां इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है। बेंजामिन नेतन्याहू सरकार के विवादास्पद कानूनी सुधारों के खिलाफ आज दसियों हज़ार प्रदर्शनकारी इज़राइल के तेल अवीव की सड़कों पर जमा हुए।
इजराइली झंडे लिए हजारों लोगों ने जाम कर दिया और शहर के बीचोबीच कल्पन स्ट्रीट को जाम कर दिया। इजरायल की नई सरकार को प्रदर्शनकारियों ने विश्व शांति के लिए खतरा बताया। नए कानून के तहत इजरायल सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने का अधिकार होगा।
इज़राइल के 20 शहरों में प्रदर्शन
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यरुशलम, हाइफ़ा, बेर्शेबा और हर्ज़लिया और तेल अवीव सहित पूरे इज़राइल के कई शहरों में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। हाइफा में हुए विरोध प्रदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री यायर लापिड भी शामिल थे। यायर लैपिड ने कहा कि हम अपने देश को बचाएंगे क्योंकि हम एक अलोकतांत्रिक देश में नहीं रहना चाहते।
🔥🇮🇱 🎦 साप्ताहिक सरकार विरोधी विरोध के लिए #TelAviv में लगभग 60,000 इकट्ठा होते हैं। #timesofisrael #Netanyahu #democracy #Israel pic.twitter.com/dDv5khE5R8
- मुखबिर (@theinformantofc) 4 फरवरी, 2023
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सांसद बदल सकते हैं
नेतन्याहू सरकार द्वारा प्रस्तावित नए कानून के तहत, 120 सीटों वाली इजरायली संसद 61 सांसदों के साधारण बहुमत से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट सकती है। प्रस्तावित संशोधन उस प्रणाली को भी बदल देगा जिसके द्वारा न्यायाधीशों की नियुक्ति की जाती है। इससे राजनेताओं को न्यायपालिका पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। इस नए न्यायिक सुधार ने LGBTQ+ समुदाय को भी चिंतित कर दिया है।

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